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खाद (Compost)

खाद (Compost)

खाद का मतलब है कि :- पौधों के अवशेषों का (सड़ना और क्षय), पशुओं की खाद, और नियंत्रित परिस्थितियों में रसोई के कूड़े का जैविक अपघटन होना  है। एक बार जब सारी सामग्रियां पूरी तरह से सड़ जाती है, तो अंत में बचे हुए उत्पाद को खाद कहा जाता है। खाद एक कार्बनिक पदार्थ है।

compost

पाइल या हीप कम्पोस्टिंग:-

1. एक अर्द्ब छायांकित 3 फीट x 3 फीट क्षेत्र (90 सेमी x 90 सेमी)

2. खाद सामग्री।

       1) हरी सामग्री जिसमें नाइट्रोजन समृद्ध मात्रा में उलब्ध होता है (ताजी  कटी घास, टहनियाँ, शाखाएँ  और छाल जो छोटे टुकड़ों मे कटे हों, रसोई  का कूड़ा, खेत पशु खाद)

      2) भूरे रंग की सामग्री जिसमें कार्बन   समृद्ध मात्रा में उलब्ध होता है (सूखे पत्ते, पुआल, कॉर्नस्टॉक और अन्य सूखे पौधों के अवशेष, और पुराने समाचार पत्रों के कटे हुए टुकड़े।

     3) बगीचे की मिट्टी।

     4) पानी।

3. बगीचे का कांटा या फावड़ा

बनाने की विधि :-

1. मिट्टी की सतह पर भूरे रंग की सामग्री कई इंच मोटी (लगभग 6 इंच; 15 सेमी) एक परत फैलाएं। यह पहली परत होती है।

2. अगली परत, हरी सामग्री की, लगभग 6 इंच मोटी (15 सेमी) जोड़ें।

3. इसके ऊपर बगीचे की मिट्टी की पतली परत रखें।

4. परतों को नम बनाने के लिए पर्याप्त पानी छिड़के लेकिन भिगोए या गीला नहीं करें।

5. चरण 1 – 4 को दोहराएं , जब तक कि आपका ढेर 3 फीट (90 सेमी) की ऊंचाई तक न पहुंच जाए।

6. ढेर को गर्म करने के लिए 2 सप्ताह के बाद चालू करें। ढेर को उलटने के लिए बगीचे का कांटा या फावड़ा का प्रयोग करें। मिश्रण को मिश्रित करने के लिए, बीच  की विघटित सामग्री को बाहर और बाहरी की सामग्री को ढेर के केंद की तरफ ले जाएं। उसके बाद आप इसे हर 5-7 दिनों के बाद मिलाते रहें। यदि आपके खाद में बहुत तेज गंध आती है, तो इसे अधिक बार मिलाएं क्योंकिआपका ढेर कसकर पैक किया गया है, ताकि वायुमंडल से खराब न हो सके।

7. सुनिश्चित करें की ढेर गर्म  हो रहा है। जब आप पहली बार ढेर को उपर नीचे, करते हैं, तो  आप इसमे से भाप को निकलते देख सकते हैं। यह संकेतअपघटन का होता है। गर्मी को बनाए रखने के लिए आप ढेर को ढका ही रहने दे सकते हैं।

8. कम्पोस्टिंग प्रकिया शुरू हो जाने के बाद ढेर में कुछ भी नही मिलाएं।

9. जब ढेर गर्म नही हो रहा है, तो इससे पता चलता है कि खाद बनाने की प्रकिया समाप्त हो चुकी है, पृथ्वी पर काले रंग के रुप में मूल सामग्री बच गई है।

पिट कम्पोस्टिंग :-

1. पिट का आकर :-1-1.5 मीटर लंबाई x 1-1.5 मीटर चौड़ाई x 1 मीटर गहराई

2. खाद की सामग्री।

1) हरी सामग्री जिसमें नाइट्रोजन समृद्ध मात्रा में उपस्थित होता है, जैसे :- ताजा कटी हुई घास, टहनियाँ, छाल औरशाखाओं के कटे छोटे टुकड़े,  रसोई का कूड़ा, फार्म पशु खाद।

          2) भूरे रंग की सामग्री जिसमें कार्बन समृद्ध मात्रा में उपस्थित होता है, जैसे:- सूखे पत्ते, पुआल, कॉर्नस्टॉक और अन्य सूखे पौधों के अवशेष, और पुराने समाचार पत्र कटे हुए।

         3) बगीचे की मिट्टी।

         4) लकड़ी की राख।

         5) पानी।

3. लंबी, तेज, नुकीली छड़ी।

4. खेत का उपकरण जैसे ठेला, सींचने का कनस्तर, कुदाल हथियार।

बनाने की विधि :-

1. अर्द्ब छायांकित और गैर-पानी वाले क्षेत्र में कम्पोस्ट पिट को खोदें दें।

2. पहली परत में पौधों की सूखी सामग्री को रखें। यह लगभग 20-25 सेमी मोटी होनी चाहिए। खाद की सामग्री को नम बनाए रखने के लिए उचित मात्रा में पानी छिड़के लेकिन बहुत गीला न करें।

3. अगली परत हरी सामग्री की या ताजी विल्ट घास या खरपतवार से बनी होनी चाहिए। टहनियों और शाखाओं को भी मिलाये जब तक कि उनके छोटे टुकड़ों को तोड़कर काटा नही जाता है। यह परत भी 20- 25 सेमी मोटी होनी चाहिए।

4. पशु की खाद, मिट्टी और राख के मिश्रण को ऊपर रखें। यह परत 10-15 सेमी मोटी होनी चाहिए।

5. चरण 1-3 को दोहराए, जब तक की ढेर 1 मीटर की ऊों चाई तक न पहुँचे। एक गुंबद के आकार का ढेर बनाने के लिए (पक्षों की तुलना में) ढेर को बीच में बनाते हैं। यह ढेर को आसान बनाता है।

6. हवा को विभिन्न परतों में फै लाने के लिए छड़ी को लंबवत रखें।

7. गड्ढे को व्यापक रूप से चौड़े पौधों की पत्तियों से ढके जैसे:- केले के पत्ते, ताड़ की पत्तियाँ आदि।

8. हर दो सप्ताह में ढेर को ऊपर नीचे करें। आप देखेगे की 3-4 महीने के बाद खाद बनकर तैयार हो जाती है।

बेहतर खाद के लिए उपाय:- 

1. ढेर को नम रखें।

2. ढेर को अच्छी तरह से वायुमंडल में रखें।

3. हरे और भूरे रंग की सामग्री का संतुलन बनाए रखें। सामग्री की बहुत अधिक मात्रा अपघटन को धीमा कर देती है। सबसे सही अनुपात 1 भाग हरी सामग्री का और 1 भाग भूरी सामग्री का होता है। इन सामग्रियों के छोटे टुकड़े और कतरन कम्पोस्टिंग प्रकिया की गति को बढ़ाते है और इसके साथ ही ढेर की सतह के क्षेत्र को बढ़ाने में मदद करते है।

4. रोगग्रस्त पौधों, मानव अपशिष्ट, बिल्लियों और कुत्तों के मल को न मिलाए क्योंकि इन अपशिष्ट उत्पादों में पाए जाने वाले हानिकारक रोगजनकों को अपघटन की प्रकिया में नही मारा जा सकता है।

5. परिपक़्व खरबूजे के बीजों को न मिलाए क्योंकि अपघटन की प्रकिया में उनके बीज को ख़त्म नही किया जा सकता हैं, और क्षेत्र में खाद का उपयोग करने के बाद अंकुरित हो सकते हैं।

खाद का उपयोग:- 

1. जैविक पदार्थ का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जिसमें बहुत फायदेमंद जीव उपलब्ध होतें हैं।

2. पौधे के विकास के लिए मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों को जोड़ता है।

3. पौधों की वृद्धि में सुधार होता है।

4. पौधों में रोगजनकों को नियंत्रित करता है।

5. मिट्टी से उत्पन्न रोगजनकों को नियंत्रित करता है।

6. मिट्टी की स्थिति और बनावट में सुधार करता है। यह चिकनी मिटटी को तोड़ता है, और रेतीली मिट्टी की नमी को बरकरार रखने में मदद करता है। इसके साथ संघनन से राहत देता है।

7. मिटटी में जल निकासी में सुधार करता है।

8. मिट्टी के कटाव को कम करता है।

9. उपजाऊ मिट्टी के पुनर्वास में मदद करता है।

10. मिट्टी में खेती करने को आसान बनाता है।

Poonam Singh

Poonam Singh

Poonam Singh, M.Sc.(Bio-Chemistry), Content writer, Self Shiksha, Lcoatips, Candidviews, Quikpills and Former Research Director at NEEW

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